Sunday, 1 August 2021

जहाँ देखो वहां सिर्फ उनकी यादो के जाले है 

सोच के हसी आती खुद पे  

हमने भी कैसे कैसे यह अजब शौक पाले है

 क्या थे हम और क्या हो गए तेरे जाने के बाद 

महसूस कुछ अब होता नहीं तेरे जाने के बाद

 मेरी बज़म में मेरे उठके जाने के बाद ही हरबार तेरा आना

नज़रे झुका लेना जब, मेरे नाम के साथ तेरे नाम का आना। 

 एहसास ए जुर्म क्या लगे जो हम हाले दिल बताये तो

सब कुछ प्यारा प्यारा सा लगे बेसक वो हमे सताए तो

वक्त नहीं जिसके पास, वक्त उसके लिए रहे हरदम 

है कोई हकीम, कैसा मिल जायेगा वो जो ये बताये तो

 राजनीति के भी तोर तरीके रिवाज बड़े ही अजीब है 

वही दुश्मन बन जाते है जो कभी सबसे करीब है।

 वो जो किसी को चोर बोल के बनने आया था रसूखदार

सुना आज कल 

लोग कहते दामन दागदार है उस रसूखदार के भी।

 ज़िंदगी वक़्त ही नहीं देती खुद के लिए

वरना पूरे हमे भी कुछ खवाब करने है।