Thursday, 14 May 2026

 “We don’t have people…

we are the people that people have.”

कुछ लोग ऐसे होते हैं,
जिनके पास लोग नहीं होते…
बल्कि वो खुद लोगों का सहारा होते हैं।

हर किसी को संभालते संभालते,
वो खुद कब अंदर से थक जाते हैं,
शायद उन्हें भी पता नहीं चलता।

लोग उनमें अपना सुकून,
कोई अपना “घर”,
और कोई अपने दुखों का हमराज़ ढूँढ लेता है…

और वो खुद,
अंदर ही अंदर बेघर होकर जीना सीख लेते हैं।

फिर भी वो मुस्कुराते हैं,
क्योंकि उन्हें आदत होती है
खुद से ज़्यादा दूसरों को संभालने की।


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