वो कह देना जा अब न होगी बात तेरी मेरी फिर कभी
और हर गुनगुनाती घंटी पे सोचना तेरा फ़ोन आया है
भूल कर भी भूले से न मिलेंगे अब सब ख़तम दरमियाँ
और फिर हर आहट पे सोचना के चौखट पे तुम आये
वो कह देना जा अब न होगी बात तेरी मेरी फिर कभी
और हर गुनगुनाती घंटी पे सोचना तेरा फ़ोन आया है
भूल कर भी भूले से न मिलेंगे अब सब ख़तम दरमियाँ
और फिर हर आहट पे सोचना के चौखट पे तुम आये
रखोगे फूलो की ख्वाइश और कांटो से डरोगे
ए मेरे दोस्त ऐसे कैसे तुम दुनिया से लड़ोगे। .
तख्तनशी होने को हमने भी आरोपे पे आरोपे के पुलिंदों का ढेर लगाया था
वो वक़्त लौट के फिर मुँह मेरे आएगा ये अनुमान तब हमने कहाँ लगाया था
खुश थे, तब अपनी बारी थी, तब वो और उसकी बातें लगती प्यारी प्यारी थी
वो वही है जहाँ था, पर अब न वो रहा प्यारा, न बातें लगती उसकी प्यारी प्यारी
एक झूठ को छुपाने में हजार झूठ और बोलने पड़ेंगे
और अगर झूठ बोलने से सच में कौआ काटने लगे
तो दुनिया में दिलजले कम और घायल जयदा होंगे।