Saturday, 9 May 2020

माँ हर वक़्त हर लम्हा हर घडी, मेरे लिए ही दुआ माँगा करती है।
माँ की हर ख़ुशी में शामिल मैं, गम अपने मुझ से छुपाया करती है।
चेहरे पे शिकन देखके वो मेरे, चल रहे हालातो का अंदाजा  करती है।
निकल आता हूँ  मुश्किल से, जब माँ प्यार से मेरे, सर पे हाथ रखती है। 

Sunday, 3 May 2020

जब चाँद पास था
तब वो मशरूफ रहे तारो को समेटने मैं
आज सितारों से झोली आबाद है उनकी
और अब उन्हें आरज़ू चाँद को पाने की है।
जब तक करीब थे उनके हम साँसों की तरह
न देखा ही हमे न बात ही की हमसे
अब जब हम मिलो दूर है बहुत दूर है उनसे
वो हाल चाल पूछते आज कल हमसे। 

Wednesday, 29 April 2020

२०२० कर दिया सब अस्त व्यस्त और हमको अपनी भी सुध नहीं 
एक लम्बे वीरान से सफर पे है हम, आगे का रास्ता हमे पता नहीं
सुने पड़े है खेल के मैदान सभी,  बच्चे सारे बेबस घरो मैं क़ैद है
रोग ऐसा लग गया है पीछे ,  जिसका अभी  कोई इलाज ही नहीं
दिन भी कुछ कुछ रात सा हो चला , आँखों मैं अब नींद भी  नहीं
निकल जाये किसी तरह इससे बस, होंटो पे अब यही फ़रियाद है
ऐसा कुछ हुआ था कभी , किसी को भी ऐसा कुछ याद नहीं।
गलती खता बताओगे नहीं, तो वो सुधरेंगे कैसे
बताओ तो वो अक्सर, नाराज़ हो जाते  है हमसे
या तो मैं वो नहीं, जो बताऊ उन्हें खता उनकी
या  जिस अंदाज मैं समझे, वो जुंबा नहीं आती।
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Galti Khata bataogey nahi, to wo sudhrengey kaise
batao to wo aksar naraz ho jate hai humse
ya to wo main nahi jo batau unhe khata unki
ya jis andaz main samjhe wo juban nahi aati ..

Friday, 24 April 2020

कभी खवाब मैं भी ख्याल न आया था इसका
निशब्द होंगी सड़के हम घर मैं कैद होंगे
 घर के छज्जे पे चहचहाहट होगी चिड़िया की
नाचेंगे मोर  भी आके घर के मेरे  सामने
गाड़िया बंद और  पंप पेट्रोल के वीरान होंगे
काला  आसमा उजला होगा उजाले की तरह
घर के पौधों  से अब रोज होगा  मिलना मेरा
और महीनो दोस्तों से न अब कोई मुलाकात होगी।
कभी खवाब मैं भी ख्याल न आया था इसका