Thursday, 18 June 2026

 घर में पड़े-पड़े गुजर जाएगी उमर तेरी...

घर से निकल, ठोकरें खा, तजुर्बे सीख।


नहीं मिलता शिखर किसी को यूँही,

रास्ते भी देते हैं ज़ख्म काई गहरे ।


देख चेहरे इस दुनिया के, ऐ दोस्त...

तब जाके रोशन होगी तकदीर तेरी।

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