अजीब सा सुकून है उसकी मौजूदगी में…
मैं अपनी हर ख़ामोशी, हर बात उससे कह देता हूँ।
जज नहीं करता,
बस सुन लेता है मुझे…
और मैं भी दिल हल्का करके मुस्कुरा देता हूँ।
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