Tuesday, 6 October 2026

 ओए होए पिंकी पिंकी

कुछ तो कहती हैं आँखें शराबी,  
होंठ गुलाबी, चुप हैं ऐसे,  
जैसे ग़ज़ल हो कोई लाजवाब सी।  

ओए होए पिंकी पिंकी
तू लगदी ऐ बड़ी कमाल सी,  
ऐसे ही हँसती रह तू हर पल,  
लगदी ऐ दिल दे बिल्कुल पास सी।  

हल्की सी मुस्कुरा दे जो शरमा के,  
लाल हो जांदे ने गाल तेरे,  
आँखें हो जाएँ गुलाबी-गुलाबी,  
जद वेखां मैं ख़्वाब तेरे।  

आँखों में नशा है बड़ा,  
चेहरे पे नूर तेरा खिला,  
जब छेड़े तू ज़ुल्फ़ों को,  
धक-धक धड़के दिल मेरा।  

चाल तेरी थोड़ी शराबी,  
नागिन वरगी तेरी अदा भी,  
टोर तेरी बोतल वरगी,  
ते तू लगदी परी गुलाबी।  

ना काजल, ना कोई श्रृंगार,  
फिर भी तू लगदी सोहणी यार,  
तेरी सादगी ते दिल हारे,  
तू ही मेरी फेवरेट यार। 

No comments:

Post a Comment