Tuesday, 6 October 2026

 कब तक रहूँ खड़ा दृढ़ हर वक़्त, इस मदमाते, आते बार बार तूफ़ान में,

अंदर से रोता दिल पर ऊपर से हँसना, खड़ा हूँ दृढ़ मगर हूँ परेशान मैं।

जब राहें धुंधली हो जाएँ, जब कोई दिखाई न दे ​​किनारा ,

​प्रभु आपका नाम रहे होठों पर, ​रहे ​हर घडी साथ तुम्हारा

​​रखना हाथ अपना सर पे उनके , कर दो जीवन मैं उजियारा

नैय्या जिन जिन की डूब रही थी उन सबको प्रभु तुमने है तारा

​प्रभु  आपका नाम रहे होठों पर, ​सदा रहे सर पे हाथ तुम्हारा

मैं थक गया हूँ प्रभु, अब आप ही मेरा हौसला बन जाना,

जो मेरे बस में नहीं रहा, उसे आप संभाल लेना।

खड़ा हूं अडिग हर आते तूफान में सिर्फ आपके ही सहारे,

सब सौंप दिया आपको प्रभु, आप ही अब मेरी नौका तारे।

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