वो आम सा ही शख्श था औरों की तरह शायद,
बस मेरी चाहत ने उसे सबसे जुदा कर दिया।
कसूर उसका नहीं , मेरी सादगी का था ,
जिसने उसकी बेरुखी को भी दुआ कर दिया।
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